एक महीने में 24 घंटे उपवास करना हृदय रोग को कम करेगा

समय – समय पर उपवास करने से दिल की बीमारियों से पीड़ित लोगों की जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है । एक हालिया शोध में यह दावा किया गया है । इंटरमिटेंट फास्टिग करने यानी दिन में 12 से 14 घंटे से ज्यादा समय तक कुछ न खाने – पीने से भी दिल के रोगियों को फायदा हो सकता है । महीने में दो दिन भी 12 – 12 घंटे मिलाकर 24 घंटे उपवास रखने से फायदा होता है । जिन हृदय रोगियों में किसी बीमारी को ठीक करने के लिए कैथेटर लगाया गया था उनकी उम्र में इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से इजाफा हुआ ।

रोगों का जोखिम कम होता है : उथाह के इंटरमाउंटेन हेल्थ केयर हार्ट इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं की टीम को यह भी पता लगा कि इंटरमिटेंट फास्टिंग करने वाले , मरीजों में हृदय के रुक जाने के मामले भी काफी कम पाए गए । शोधकर्ताओं ने कई लोगों पर किए गए शोध में पाया कि जो लोग इंटरमिटेंट फास्टिग करते थे उनमें क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग इंटरमिटेंट फास्टिग में किसी खास प्रकार का आहार नहीं होता बल्कि एक खास तरह का खाने का तरीका होता है । यह खाने और व्रत करने के बीच 14 घंटे के ब्रेक के रूप में चलता है । इसे आप हफ्ते में कई बार अपना सकते हैं ।

इसे करने का सबसे आसान तरीका है कि आप रात के खाने के बाद कुछ न खाएं और नाश्ता न करें । मान लीजिए आपने रात को 8 बजे खाना खाया तो अगले दिन 12 बजे तक कुछ न खाएं । इस हिसाब से आप 16 घंटे के लिए । उपवास करते हैं । दिल की बीमारियांकम थीं । इस अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि कई दशकों से पनप रही गंभीर बीमारियों के प्रभाव को उपवास के जरिए कम किया जा सकता है । शोधकर्ता डॉक्टर बेंजामिन होनें ने कहा , हम पिछले काफी समय से उपवास के प्रभावों पर शोध कर रहे हैं । हम देखना चाहते थे कि क्या उपवास करने से मौतों के मामले और उसकी दर कम हो सकती है या नहीं ।

You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *